देश के एक शहर, जंहा लिंगानुपात घटने की वजह से बड़ी तादाद में पुरुष अविवाहित ही रह जाते हैं. लड़कियों की कमी पूरी करने के लिए इनकी तस्करी जाती है. पुरुष अपने उम्र से तीन गुणा कम उम्र तक की लड़कियों को खरीद रहे हैं.
हम बात कर रहे है राजस्थान के चूरू जिले की… जंहा लड़कियों की संख्या लड़को की तुलना में बहुत कम है ऐसे में लड़कों को शादी के लिए लड़कियां भी कम ही रह जाती हैं हाल ही में कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनसे साफ होता है कि घर बसाने के लिए दूर-दराज के इलाकों से लड़कियों की तस्करी की जा रही है.
दरसल भारत को एशिया में मानव तस्करी का गढ़ माना जाता है… सरकार के आंकड़ों के मुताबिक हमारे देश में हर 8 मिनट में एक बच्चा लापता हो जाता है यंहा लड़कियों और महिलाओ को ना सिर्फ देहव्यापार के लिए तस्करी की जाती है बल्कि उन्हें मंडियों में सब्जियों की तरह उन क्षेत्रों में बेचा जाता है जंहा कन्या भूर्ण हत्या की वजह से लड़कियों का लिंग अनुपात बहुत कम है.. फिर इन्हे शादी के लिए मजबूर किया जाता है
मानव तस्करी के खिलाफ काम करने वाले एक एनजीओ की माने तो चूरू जिले में हाल ही में सामने आए करीब आधा दर्जन मामलों में आरोपी युवक असम, मेघालय आदि इलाकों से लड़कियों को खरीद कर लाना सामने आया है. यहां से युवक दूसरे राज्यों में जाते हैं और लड़की को उनके घरवालों को मोटी रकम देकर खरीदकर लाते हैं
ऐसे मामलों में नाबालिग लड़कियां मानव तस्करी और खरीद-फरोख्त का अधिक शिकार होती है. दूसरे राज्यों से 2 से 3 लाख रुपए में परिजन उन्हें बेच देते हैं और राजस्थान में पहुंचते-पहुंचते उनका शारीरिक शोषण भी होता है और जब तक सही खरीदार नहीं मिलता ज्यादतियां जारी रहती हैं



