पन्छ केदारों में दूसरे केदार भगवान मदमहेश्वर के कपाट आज बैदिक मंत्रोच्चार एवम पौराणिक रीति रिवाजों के साथ आज आगामी छः महीनों के लिए खोल दिये गए है . बताते चले कि भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली 22 मई को अपनी शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मन्दिर से रवाना हुई . पहला बिश्राम रांसी राकेश्वरी मन्दिर के बाद कल दूसरा पड़ाव गौंडार रहा और आज प्रातः काल गोंडार से डोली रवाना हुई और शुभलग्नोनुसार आज मन्दिर के कपाठ खोल दिये गए



