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जो कई वर्षों मे नहीं हुआ वो मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मात्र कुछ महीनों मे कर दिखाया, इन क्षेत्रवासियों के लिए मसीहा बने त्रिवेंद्र सिंह रावत!

देहरादून- ईमानदार, कुशल नेतृत्व, हर दिल अजीज, जनता के हितेषी और भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्यवाही करने वाले प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड के विकास के लिए वो कर दिखाया जो 40 सालों मे अभी तक किसी ने नहीं किया। जीं हां हम बात कर रहे है देहरादून से सटे ऐसे क्षेत्र के बारे जहां लोगों के लिए पैदल चलने का रास्ता नहीं था। बिजली नहीं थी, पानी नहीं था, लेकिंन कुछ ही महीनों मे मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र के लिए वो कर दिखाया, जिसे यहां के लोगों उनकी खूब तारीफ कर रहे है। ये बात हम नहीं कह रहे, बल्कि उसी क्षेत्र के लोग कह रहे है। बता दें मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र डोईवाला के भोगपुर में बहुउद्देश्य सूर्यधार बांध को 50 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की महत्वकांक्षी योजना सूर्यधार बांध को बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है। 50 करोड़ की लागत से बन रहे बांध के बनने के बाद 19 गांवो में पानी की समस्या दूर हो जायेगी, तो वहीं किसानों के खेत भी सिचाई के अभाव से बंजर नही रहेंगे। मुख्यमंत्री खुद इस बांध के निर्माण की निगरानी कर रहे है, ताकि किसी तरह की गलती बांध निर्माण के दौरान ना हो। मुख्यमंत्री ने सूर्याधार बैराज का निर्माण हर हाल में सितंबर 2019 तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सूर्यधार प्रोजेक्ट काफी लंबे समय से अटका हुआ था, लेकिन त्रिवेंद्र सरकार ने इसे प्राथमिकता में रखा और इस पर तेजी से काम शुरू किया। 10 मीटर ऊंचे और 600 मीटर लंबाई में फैले सूर्यधार बांध से देहरादून शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों को भी कई फायदे होंगे। विजन 2020 की टीम ने जब वहां के लोगों से बात की तो उनका कहना है कि इस बांध से शिला की चौकी, थानों, सूर्यधार, भोगपुर जैसे 19 गांवों को पीने का स्वच्छ पानी उपलब्ध हो सकेगा, इसके साथ ही सूर्यधार झील से आसपास के 24 गांवों के किसानों को कुल 2083 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के लिए हर समय पानी उपलब्ध हो सकेगा। इस परियोजना से प्रतिवर्ष लगभग 7 करोड़ रुपये की बिजली बचत होगी जो ट्यूबेल पर खर्च होती है। इसके साथ ही युवाओं को रोजगार भी मिलेगा साथ ही पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इस परियोजना के लिए तहे दिल से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

पेयजल और सिंचाई के साथ साथ सूर्यधार डैम के कई अन्य फायदे भी हैं। सूर्यधार प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा फायदा इस क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों के विकास में मिलेगा। सूर्यधार झील के आसपास मसूरी और सहस्रधारा की तर्ज पर लेक फ्रंट विकसित किया जाएगा। झील में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से यहां साल के हर मौसम में पर्यटक आकर्षित हो सकेंगे। सिंचाई विभाग यदि तय सीमा में बांध का निर्माण कार्य पूरा करता है तो ये बांध यहां के विकास में मिल का पत्थर साबित होगा, क्योकि लगातार बढ रही आबादी के कारण जौलीग्रांट, अठुरवाला सहित कई दूसरे क्षेत्रों में पेयजल बड़ी समस्या बन चुका है। वहीं जौलीग्रांट और अठुरवाला में सिंचाई की व्यवस्था नलकूपों पर आधारित है, जिनसे किसानों को नाममात्र का ही पानी मिल पाता है, और उपजाऊ जमीन के बावजूद किसान को फसल की पूरी पैदावार नहीं मिल पाती है। सूर्यधार बांध का पानी क्षेत्र के किसानों तक पहुंचने से किसानों की आय में भी इजाफा होगा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मानें तो बांध बनने से रानीपोखरी की नहरों में पानी और बढ जाएगा, जिससे यहां के किसानों को भी लाभ मिलेगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस बांध के बनने से क्षेत्र के 19 गांव मे पेयजल की किल्लत का अन्त होगा। उत्तराखंड के विकास को मुख्यमंत्री लगातार गति दे रहे है। इसी कड़ी मे वह एक के बाद एक विकास योजना की शुरूआत कर रहे है। जिसको देखकर कह सकते है कि उत्तराखंड की जनता से किया विकास का वादा सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत पूरा कर रहे है।

 

 

Vision Desk 3
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