
भाई दूज एक ऐसा त्यौहार जो भाई-बहन के प्रेम और कर्तव्य के संबंध को समर्पित है यह त्योहार बहन के प्रति भाईयों के दायित्वों का याद कराता हैं। इस दिन बहनें अपने प्रिय भाई की लम्बी उम्र और उनके समृद्ध जीवन के लिये कामना करती है। भले ही भाई दूज का नाम अलग- अलग देशों में अलग है लेकिन मतलब एक ही है। भारत में विभिन्न स्थानों पर भाऊ बीज (गोवा, महाराष्ट्र और कर्नाटक में), भाई तिलक (नेपाल में), भरात्रु द्वितीया, भाउ-दीज, भाई फोटा (बंगाल में), नीनगोल चैकुबा (मणिपुर में) कहा जाता है।हिन्दू समाज में भाई -बहन के स्नेह व सौहार्द का प्रतीक यह पर्व दीपावली से दो दिन बाद मनाया जाता है। हिन्दूओं के बाकी त्यौहारों कि तरह यह त्यौहार भी परम्पराओं से जुड़ा हुआ है। इस दिन बहनें अपने भाई को तिलक लगाकर, उपहार देकर उसकी लम्बी आयु की कामना करती हैं। बदले में भाई अपनी बहन कि रक्षा का वचन देता है।हिन्दू कैलेंडर पञ्चाङ्ग के अनुसार गोवर्धन पूजा पूरे भारतवर्ष में 21 अक्तूबर 2017 दिन शनिवार को मनाने की तिथि निर्देशित की गयी हैं।

- भैया दूज शुभ मुहूर्त-भाई दूज पर तिलक लगाने या टिका करने का शुभ मुहूर्त दोपहर 01:12 से 03:27 तक है। तिलक करने के मुहूर्त की अवधि 2 घंटे 14 मिनट की है।
- कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि 21 अक्टूबर 2017 सुबह 01:37 बजे से प्रारंभ होकर अगले दिन 22 अक्टूबर 2017 प्रातः 03:00 बजे समाप्त होगी।



