सरकार ने फैसला किया है जम्मू कश्मीर में इंटरनेट और मोबाइल फोन पर लगाए गए प्रतिबंधों को अगले कुछ दिनों में हटा दिया जाएगा। शुक्रवार को जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम ने इस बात की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि आज रात से सबसे पहले श्रीनगर की पुलिस लाईन में फोन सेवा बहाल कर दी जाएगी और उसके बाद सोमवार से इन इलाकों के स्कूल खुल जाएंगे।
अगले कुछ दिनों में घाटी में खुलेंगे स्कूल
जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव बीएस. सुब्रमण्यम ने घाटी में सरपकार की तरफ से लगाई गई पाबंदियों को आवश्यक करार देते हुए कहा कि अब हालात में सुधार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि फोन पर लगी पाबंदियां धीरे-धीरे हटाई जा रही है। जहां पर हालात में सुधार है, वहां से बंदिशें हटाई जा रही है। बीवीआर सुब्रमण्यम ने आगे कहा कि जिन लोगों को ऐहतियात के तौर पर हिरासत में लिया गया है उसकी समीक्षा की जा रही है और कानून-व्यवस्था के हालात को देखते हुए आवश्यक फैसले लिए जाएंगे।
12 जिलों में सीमित बैन के साथ हालात सामान्य
उन्होंने कहा कि 22 जिलों में 12 में जिलों में काम सुचारू पूर्व चला रहा है। हालांकि, इनमें से पांच में कुछ सीमित प्रतिबंध जारी है। यह ऐहतियाती कदम इसलिए उठाया गया ताकि किसी भी जान माल की क्षति न हो। सुब्रमण्यम ने कहा कि पन्द्रह दिन पहले सीमापार आतंकवाद के चलते सरकार की तरफ से कुछ जरूरी पाबंदियां लगाई गई थी। इस बात के पुख्ता इनपुट्स थे कि आतंकी संगठन जम्मू कश्मीर में हमले की योजना बना रहे थे।
उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा जम्मू-कश्मीर में चारों ओर विकास करना सरकार का मुख्य लक्ष्य है। सुब्रमण्यम ने कहा कि सरकार इस वक्त उन संगठनों के बारे में जानकारी निकाल रही है, जो भी घाटी में आतंकवाद फैलाने का काम कर रहा है उसके खिलाफ एक्शन लिया जाए। इसके लिए सरकार की तरफ से दुनियाभर से रिकॉर्ड्स इकट्ठे किए जा रहे हैं।
घाटी में किसी तरह से माहौल ना बिगड़े उसी वजह से कुछ सर्विस पर रोक लगाई गई थी, जैसे कि फोन सर्विस या इंटरनेट सर्विस को रोक दिया गया था।



