उत्तराखंड में इस वर्ष होने वाली चार धाम यात्रा में उमड़ रहे श्रद्धालुओं के सैलाब ने प्रशासन की चुनौतियां बढ़ा दी हैं।
वर्ष 2013 के बाद पहली बार इतनी बड़ी तादाद में यात्री बदरीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री पहुंच रहे हैं। 28 मई को यात्र शुरू होने के बाद अब तक साढ़े छह लाख से ज्यादा यात्री चार धाम पहुंच चुके हैं। चारों धामों में औसतन प्रतिदिन पांच हजार से 15 हजार यात्री आ रहे हैं।
इससे इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। होटल और धर्मशालाएं पूरी तरह पैक होने से लोगों को ठहरने के लिए कमरे नहीं मिल पा रहे। कई यात्रियों का दावा किया है कि उन्हें बस अथवा दूसरे वाहनों अथवा दुकानों के आगे बरामदे में बैठक कर रात गुजारनी पड़ी।
परन्तु प्रशासन ने खुले में रात बिताने से साफ इन्कार किया है। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि केदारनाथ में इसके लिए बाकायदा पुलिस गश्त की जा रही है, जिससे कोई यात्री खुले में न सोए।



