उत्तराखंड के चमोली में आई त्रासदी के बाद कई देशों ने उत्तराखंड की मदद के लिए हाथ आगें बढ़ायें है। संयुक्त राष्ट्र मंच से लेकर अमेरिका जैसे विश्व के शक्तिशाली देश ने घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी के भले की बात कही है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता ने कहा, ‘महासचिव को उत्तराखंड में ग्लेशियर के फटने और उसके बाद आई बाढ़ से हुए जानमाल के नुकसान और दर्जनों लोगों के लापता होने का गहरा दुख है। वह पीड़ितों के परिवारों, लोगों और भारत सरकार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं। संयुक्त राष्ट्र आवश्यकता होने पर बचाव और सहायता प्रयासों में योगदान देने के लिए तैयार है।’
जापान के राजदूत भारत में जापान के राजदूत सातोशी सुजूकी ने कहा, उत्तराखंड में ग्लेशियर फटने के बड़े हादसे में कई निर्दोष लोगों की जान जाने और लापता होने के दुखद हादसे को लेकर मेरा हृदय बेहद दुखी है। मैं हार्दिक शोक जताता हुं और प्रार्थना करता हूं कि लापता लोगों को जल्द से जल्द बचा लिया जाएगा। हमारी सहानुभूति उत्तराखंड के लोगों के साथ है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने ट्वीट में कहा, हम भारत में ग्लेशियर फटने और भूस्खलन के कारण प्रभावित होने वाले लोगों के प्रति शोक प्रकट करते हैं। हम मृतकों के परिवारों और दोस्तों के दुख में शामिल हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
वहीं फ्रांसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ट्वीट में कहा, फ्रांस उत्तराखंड राज्य में ग्लेशियर फटने के चलते 100 से ज्यादा लोगों के लापता होने के बाद पूरी तरह भारत के साथ एकजुट होकर खड़ा है। हमारी संवेदनाएं लापता लोगों और उनके परिजनों के साथ हैं।



