इन दिनों आईएएस स्वाति एस भदौरिया अपने कामों कों लेकर सोशल मीडिया पर काफी छाई हुई है जी, हां हम बात कर रहे है 2012 बैच की तेज तरार आईएएस स्वाति एस भदौरिया की। स्वाति भदौरिया आज कल अपने कामो कों लेकर काफी सुर्खियां बटोर रही है इससे पहले भी वह अपने कामों कों लेकर चर्चाओं में रही है, स्वाति भदौरिया जब हरिद्वार जिले में मुख्य विकास अधिकारी थी, तों उन्होंन बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं कों लेकर काफी काम किया। यहां तक की गरीब और अनाथ बच्चों कों सहायता भी की इसके साथ साथ सरकार की योजनाओं पर जिनका हक था उन तक पहुचाने का काम भी किया। लेकिंन इस बार उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है ,जिसमें वह सादगी के साथ धान की फसल काटती नजर आ रही है। उनकी इस तस्वीर में उनके साथ कुछ ग्रमीण भी नजर आ रहे है। शयद ही आपने कोई ऐसा आईएएस अफसर देखा होगा जो ग्रमीणों के साथ फसल काटता नजर आये।
उनकी यह तस्वीर कही न कही एक मिसाल के तौर पर दिखाई दे रही है कि आईएएस होने के बाद भी वह आम ग्रामीणों की तरह फसल काट रही है। इससे पहले भी वह अपने सोशल कामों कों लेकर काफी सुर्खियों में रही है उनके यह सोशल काम उन्हे आईएएस होने के साथ साथ एक अलग पहचान भी देते है, क्योंकि ऐसे कार्यो की उम्मीद सरकारी अफसरों से काम ही देखने कों मिलती है। आपकों बता दें कि स्वाति एस भदौरिया चमोली जिले में जिलाधिकारी का पदभार संभालने वाली पहली महिला आइएएस है।
इससे पहले चमोली में 26 आइएएस अधिकारी जिलाधिकारी के रूप में सेवाएं दे चुके हैं , जबकि, राज्य गठन के बाद 15 जिलाधिकारियों ने सेवाएं दीं, लेकिंन चमोली में किसी भी महिला आइएएस अधिकारी को जिलाधिकारी के रूप में सेवा का अवसर नहीं मिला। पहली बार महिला जिलाधिकारी के रूप में स्वाति एस भदौरिया को जिले की कमान सौंपी गई है। वह चमोली की 42वीं जिलाधिकारी हैं। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया वर्ष 2012 बैच की आइएएस हैं। इससे पहले वे हरिद्वार जिले की मुख्य विकास अधिकारी रह चुकी हैं। वहीं चमोली की आम जनता का भी कहना है कि उन्होंने ऐसी महिला जिलाधिकारी पहली बार देखी है जो आम जनता की परेशानियों का समाधान करने के साथ साथ उन्हें काम में भी सहयोग करती है।



