
देहरादून/रानीखेत। कोसी नदी में डूबे पुजारी मोहनगिरी का शव करीब 12 घंटे बाद ही निकाला जा सका। देर शाम घर जाते वक्त बेताल घाट के पास वह कोसी नदी में गिर गए थे। एसडीआरएफ राजभवन (नैनीताल) की टीम ने करीब 15 फीट गहराई में डूबे पुजारी के शव को बमुश्किल बाहर निकाला।
रानीखेत में उत्तरवाहिनी शिप्रा व कोसी नदी के तट पर स्थित शिवालय मंदिर कि पुजारी 52 वर्षीय मोहनगिरी निवासी सूरीफार्म, मझेड़ा (बेतालघाट) घर जाते वक्त करीब असंतुलित होकर करीब सौ मीटर नीचे कोसी नदी में गिर गए थे। रात हो जाने के कारण उनका शव नहीं निकाला जा सका जबकि पुलिस प्रशासन व स्थानीय लोगों के काफी खोजबीन भी की थी। आज सुबह एक फिर एसडीआरएफ टीम की टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाया। कोसी की गहराई में पुजारी का शव फंसा हुआ दिखाई दिया। एसडीआरएफ की टीम ने बामुश्किल बाहर निकाला।
पर्वतीय क्षेत्र में हो रही बारिश से कोसी नदी का पानी मटमैला हो गया है। साथ ही जलस्तर भी काफी बढ़ा हुआ था। एसडीआरएफ के गोताखोरों ने करीब तीन बार कोसी नदी में गोते लगाए। तब कहीं जाकर चौथी बार में पुजारी का शव बरामद हो सका।



