रूद्रप्रयाग; कुलदीप राणा; पिछले तीन सालों से चल रहा है यह अभियान, पिछले दो माह के भीतर टीम ने पांच क्विंटल से भी अधिक प्लास्टिक कचरे का किया गया निस्तारण।
अब स्थानीय लोगों और देश-विदेश से आए श्रद्वालुओं की दिख रही इस महाभियान में बडी भागीदारी।
एसआई विपिन पाठक के नेतृत्य में 18 सदस्यीय टीम की इस पहल की राष्ट्रपति और गृह मंत्री ने भी जमकर की प्रशंसा। केदारनाथ धाम में ब्रहम कमल की वाटिका तैयार करने का ऐतिहासिक कारनामा भी है एसआई पाठक के नाम।


केदारनाथ क्षेत्र सेंचुर एरिया के अंतर्गत आता है। यानि की यह बेहद संवेदनशील क्षेत्र है, लेकिन पिछले दस वर्षों के भीतर केदारपुरी में लगातार बढता पाॅलिथीन प्रदूषण सबसे बडा संकट विषय रहा है और इसका खासा असर भी देखने को मिला है। वर्ष 2014 और 15 में केदारपुरी में बेहद कम वर्फवारी देखने को मिली। जिसे पर्यावरणविदों ने केदारपुरी में बढते प्रदूषण की वजह बताया। भले ही प्रदेश सरकारें केदारपुरी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए तमाम दावे करती आई है, लेकिन धरातल पर अभी तक सरकारी स्तर से कोई ठोस पहल नहीं दिखी है। आज केदारपुरी पचास फीसदी से भी अधिक प्लास्टिक कचरे से मुक्त हो चुकी है और इसका श्रेय जाता है एसआई विपिन पाठक की टीम को। पाठक की अट्ठारह सदस्यीय टीम पिछले तीन सालों से इस अभियान में जुटी है। हर वर्ष प्रत्येक माह केदारपुरी से लेकर वासुकी ताल तक सफाई अभियान चलाया जाता है, जिसमें केदारपुरी तथा उसकी आसपास की पहाडियों के साथ ही पैदल टै्रकों और वासुकीताल में प्लास्टिक कचरे को पूरी तरह साफ किया जाता है। दो सालों तक अकेल पुलिस टीम इस महाभियान में जुटी रही, लेकिन इसके बडे सकारात्मक परिणाम सामने न आने के बाद इस वर्ष पुलिस ने जनजागरूकता अभियान भी शुरू किए, जिसमें स्थानीय लोगों ओर देश-विदेश से आने वाले श्रद्वालुओं को प्लास्टिक कचरा केदारपुरी में न लाने का आह्वान किया गया। एसआई पाठक की टीम ने पिछले दो माह में बडे स्तर पर चार स्वच्छता अभियान चलाए, जिसमें पांच कुतल से भी अधिक प्लास्टिक कचरा एकत्रित किया गया ओर उसे निस्तारण के लिए एसपी कार्यालय रूद्रप्रयाग भेजा गया।

