देहरादून- उत्तराखंड के राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी के बारे में कौन नहीं जानता। अनिल बलूनी ने अपनी पहचान जुझारू और कर्मठ सांसद के तौर पर बनाई है। वो उत्तराखंड की बुनियादी समस्याओं को समझते हैं और उन्हें दूर करने के लिए लगातार काम करते है। अनिल बलूनी के कामों के चर्चें उत्तराखंड से लेकर दिल्ली तक होते है। बता दें लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार के अंतिम दिन अपने देहरादून दौरे पर पहुंचे रेल मंत्री और बीजेपी के स्टार प्रचारक पीयूष गोयल ने राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी के कामों की खूब प्रशंसा की। उन्होंने अनिल बलूनी की राज्य के प्रति चिंता और कार्यशैली की बढ़ चढ़कर सराहना की। पीयूष गोयल ने देहरादून स्थित होटल मधुबन में बुद्धिजीवी वर्ग के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड को गर्व महसूस करना चाहिए, कि उन्हें अनिल बलूनी जैसा राज्यसभा सांसद मिला जो अपने राज्य के प्रति इतना चिंतित रहता है और लगातार वहां के विकास कार्यो को आगें बढाता है। उन्होंने कहा, मैं अनिल बलूनी से बहुत नाराज रहता हूं ये बहुत तंग करते हैं। अगली बार आप ऐसे तंग करने वाले सांसद नहीं भेजा करिए। मैं भी इनको बहुत तंग करता हूं सुबह अखबार देखने के बाद सबसे पहला फोन इन्हीं को जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि शुरू में मैं इन्हें नहीं जानता था सोचता था कि पीएम मोदी किस आदमी को उत्तराखंड से उठाकर ले आए और ऑल इंडिया मीडिया का इंचार्ज बना दिया, लेकिन बलूनी ने जिस खूबसूरती, जिम्मेदारी और प्रभावशाली ढंग से काम संभाला, उससे उत्तराखंड का नाम रोशन कर दिया। रेल मंत्री ने कहा कि कोई भी व्यक्ति गर्व से कह सकता है कि बलूनी का पार्टी की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने, सरकार, पार्टी और मीडिया के बीच समन्वय बनाने में बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने बलूनी के स्वभाव की तारीफ की। साथ ही कहा कि बलूनी हंसमुख स्वभाव के हैं, उन्हें हैरानी होती है कि वे कभी नाराज नहीं होते। वहीं अनिल बलूनी ने पीयूष गोयल को बड़ा भाई और दिल्ली में अपना लोकल गार्जियन बताया। साथ ही बलूनी ने यह भी कहा कि भाजपा का संकल्प पत्र हवा हवाई नहीं है, बल्कि धरातल पर काम करने वाला है। उन्होंने कांग्रेस के घोषणा पत्र को झूठ का पुलिंदा और घावों को हरा करने वाला करार दिया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा लोकसभा चुनाव में 2014 के चुनाव में प्राप्त 284 से अधिक सीटें जीतेगी।