
देहरादून। उत्तराखंड आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार को घेरने का काम किया है। जम्मू के कठुआ में तथाकथित गैंगरेप तथा उत्तर प्रदेश के भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर का गैंगरेप में शामिल होने सहित अन्य मामलों को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम गांधी पार्क, रिस्पनापुल पर भी आयोजित किया गया, जिसमें पार्टी ने पोस्टर-बैनर और पम्पलेट के माध्यम से आम आदमी का समर्थन मांगा।
संगठन की जिलाध्यक्षा उमा सिसौदिया का कहना है कि दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल पिछले आठ दिनों से दिल्ली में समता स्थल पर नारी अस्मिता की लड़ाई लड़ने हेतु आमरण अनशन पर हैं। उनकी केन्द सरकार से माँग है कि बलात्कार के मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रेक कोर्ट में की जाये और नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में छह महीने में जाँच पूरी कर फाँसी की सजा दी जाये। आम आदमी पार्टी इसका समर्थन करती है।
जिलाध्यक्षा उमा सिसौदिया ने देश में महिलाओं के प्रति बढ़ती लैंगिक दुराचार और उत्पीड़न की अमानवीय घटनाओं पर दुख व गुस्सा प्रकट करते हुये कहा कि नारी सशक्तीकरण के दौर में इस तरह की घटनायें शर्मनाक हैं और किसी भी स्तर पर ऐसी घटनाओं की घोर निंदा की जानी चाहिये। कमजोर कानून के कारण दुराचारियों में कोई डर नहीं है और लम्बी कानूनी प्रक्रिया से वे बच निकलते हैं, जिस कारण से ऐसे अपराध बढ़ते जा रहे हैं। निर्भया कांड के बाद से ही ऐसे मामलों में कड़े कानून की मांग की जाती रही हैं। पार्टी पुरजोर मांग करती है कि पॉस्को एक्ट में संशोधन कर नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में फाँसी की सजा दी जाये। बलात्कार के मामलों की सुनवाई फॉस्ट ट्रेक कोर्ट में कर छह महीने में पूरी कर कड़ी से कड़ी सजा का प्रावधान किया जाये। दिल्ली की आम आदमी पार्टी की अरविन्द केजरीवाल सरकार की तर्ज पर प्रदेश की भाजपा की त्रिवेन्द्र रावत सरकार भी विधानसभा में इस संबंध में प्रस्ताव पारित करे।उन्होंने इस मुद्दे पर भाजपा को निशाने पर लेते हुये कहा कि भाजपा के सत्ता में आते ही महिलाओं पर अत्याचार बढ़े हैं। केन्द की भाजपा सरकार महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” का नारा भी एक जुमला बनकर रह गया है और विशेषकर भाजपा शासित राज्यों में इस प्रकार की घटनायें बहुतायत से सामने आने रही हैं।




