इन दिनों एक बार फिर से आरुषि हत्याकांड की खबरे सुर्खियों में बनी हुई है तलवार दंपत्ति की रिहाई के साथ ही लोगों में फिर से आरूषि हत्याकांड के यादें ताजा हो गई हैं। ये कोई अकेला ऐसा हत्याकांड नहीं है जिसने खुब सुर्खियां बटोरी हों, आरुषि हत्याकांड के अलावा कई और ऐसे हत्याकांड हैं जिन्होंने देश को हिला दिया। कई दिनों तक मीडिया में छाये रहे। आज हम ऐसे ही चुनिंदा मर्डर्स की बात कर रहे हैं, जिन्होंने देश को झकझोर कर रख दिया।

सुनंदा पुष्कर मर्डर
17 जनवरी 2014 को कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर का शव दिल्ली के एक होटल में पाया गया था। मूलतः कश्मीर की रहने वालीं सुनंदा के पिता पीएन दास भारतीय सेना में वरिष्ठ अधिकारी थे। ज्ञात हो कि शशि थरूर के साथ उनकी तीसरी शादी थी। एम्स की फारेसिंक रिपोर्ट के मुताबिक सुनंदा पुष्कर की मौत ड्रग्स के ओवरडोज के चलते हुई थी। दिल्ली पुलिस का एक विशेष जांच दल सुनंदा के मौत की जांच कर रहा है।

शीना बोरा मर्डर केस
याद हो कि अप्रैल 2012 में शीना बोरा नाम की एक लड़की की हत्या हो गई थी। जिसकी मौत के तीन साल बाद केस खुलता है और जांच शुरू होती है। शक की सुई शीना की मां इंद्राणी मुखर्जी और सौतेले पिता और मशहूर मीडिया हस्ती पीटर मुखर्जी पर गई थी और पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार भी किया। इस मामले की जांच पहले मुंबई पुलिस कर रही थी। बाद में जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंप दिया गया, केस की जांच अभी भी चल रही है।

शिवानी भटनागर मर्डर केस
दिल्ली के अखबार ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में काम करने वाली पत्रकार शिवानी भटनागर की 23 जनवरी 1999 को उनके पूर्वी दिल्ली स्थित अपार्टमेंट में हत्या कर दी गई थी। करीब नौ साल बाद अदालत ने 18 मार्च 2008 को फैसला सुनाते हुए पूर्व आईपीएस अधिकारी रविकांत शर्मा समेत अन्य अभियुक्तों को आईपीसी की अलग-अलग धाराओं के तहत दोषी करार दिया।
इस मामले में बीजेपी के कद्दावर नेता रहे प्रमोद महाजन का नाम भी आया लेकिन उन्होंने शिवानी भटनागर से किसी तरह का संबंध होने से इनकार किया था। अक्टूबर, 2011 में दिल्ली हाई कोर्ट ने रविकांत शर्मा और अन्य दो अभियुक्तों को बरी कर दिया लेकिन एक अभियुक्त की आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखी।

निठारी हत्याकांड
ऐसा कांड जिसने इंसानियत को शर्मशार किया, ज्ञात हो कि 29 दिसंबर 2006 को दिल्ली से सटे नोएडा में पंढेर के घर के पीछे के नाले से पुलिस ने 19 कंकाल बरामद किए थे। बहुचर्चित निठारी कांड मामले में सीबीआई की एक स्पेशल कोर्ट ने 24 जुलाई, 2017 को मोनिंदर सिंह पंढेर और उनके घरेलू नौकर सुरिंदर कोली को फांसी की सजा सुनाई थी।
ट्रायल कोर्ट ने पंढेर और कोली 20 साल की पिंकी सरकार की हत्या का दोषी पाया था। पंढेर और कोली पर लड़की को अगवा करने, उसका बलात्कार करने और फिर उसकी जान लेने का आरोप है। पता हो कि पिंकी सरकार की हत्या के मामले से पहले 6 मामलों में दोनों को सजा सुनाई जा चुकी है। 9 मामलों में अब भी सुनवाई चल रही है जबकि सबूतों के अभाव में तीन मामलों पर चार्जशीट ही दायर नहीं की जा सकी।

प्रियदर्शिनी मट्टू हत्याकांड
दिल्ली यूनिवर्सिटी की लॉ स्टूडेंट रहीं प्रियदर्शिनी मट्टू का शव 23 जनवरी, 1996 में दिल्ली स्थित उनके चाचा के घर पर पाया गया था। साल 1999 में निचली अदालत ने उनके कातिल और कॉलेज के सीनियर संतोष कुमार सिंह को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। अक्तूबर, 2006 में दिल्ली हाई कोर्ट ने संतोष कुमार सिंह को मौत की सजा सुनाई थी। लगभग चार साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को उम्रकैद में बदल दिया।




