ऐसे चमकाएं किस्मत, पहनें छोटी अंगुली में चांदी का छल्ला !

हिंदू धर्म में चांदी को बेहद शुद्ध और प्रभावशाली धातु माना गया है। चांदी का प्रयोग कई रूपों में होता है और यह हर तरीके से फायदेमंद है। ऐसी मान्यता है कि चांदी के गहने, सिक्के, मूर्तियां और बर्तन जिस घर में होते हैं वहां सुख, वैभव और संपन्नता आती है। चांदी को भगवान शिव के नेत्रों से उत्पन्न हुआ माना गया है। शास्त्रीय मान्यता अनुसार जहां चांदी होता है वहां वैभव और संपन्नता आती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह शुक्र और चंद्रमा ग्रह से जुड़ी हुई धातु है। यह शरीर में जल तत्व और कफ को नियंत्रित करता है इसके अलावा खूबसूरती और सुख-समृद्धि बढ़ाने में भी यह चमत्कारिक रूप से फायदेमंद है।
रात भर पानी में रखें चांदी का छल्ला
ज्योतिष में चांदी का संबंध चंद्रमा और शुक्र से है। चांदी शरीर के जल तत्व और कफ को नियंत्रित करती है। चांदी के प्रयोग से मन मजबूत और दिमाग तेज होता है। साथ ही चांदी के प्रयोग से चंद्रमा की समस्याओं को शांत किया जा सकता है।
बाजार से किसी भी डिजाइन में अपनी पसंद का चांदी का एक छ्ल्ला ले आएं। किसी भी गुरुवार की रात इसे पूरी रत के लिए पानी में डालकर रखें। सुबह इसे भगवान विष्णु के चरणों पर रखें और पूरी विधि-विधान से उनकी पूजा करें। पूजा खत्म होने के बाद छल्ले को भी चंदन लगाएं, फिर धूप दिखाकर अक्षत चढ़ाएं। आपका यह छल्ला अभिमंत्रित हो चुका है। अब इसे दाहिने हाथ की सबसे छोटी अंगुली यानि कि कनिष्ठा अंगुली में पहन लें।

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