शैली श्रीवास्तव- नैनीताल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला। हाईकोर्ट ने कहा कि एससी-एसटी कों पूजा कराने से मना नहीं कर सकते पंडित। राजस्थान निवासी पुखराज ने याचिका दायर की थी कि हरिद्वार के मंदिरों में छूत अछूत का चलन चल रहा है जिसके बाद वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की खंड़पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। अदालत ने कहा कि निम्न वर्ग के अन्य लोगों कों उत्तराखंड़ के किसी भी मंदिर में पूजा करने और प्रवेश करने से न रोका जाये। अदालत ने यह भी कहा कि मंदिरों का पुजारी किसी भी जाति का हो सकता है, लेकिन वह पुजारी पद के लिए प्रशिक्षित और योग्य होना चाहिए। वहीं काफी लम्बे समय से दलितों के हक के लिए लड़ रहे राज्यसभा सांसद तरूण विजय ने भी अदालत के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि ‘मैं उच्च न्यायालय कों बहुत धन्यवाद देता हूॅ’ कि उन्होंने दलितों के हक में फैसला सुनाया। साथ ही उन्होंने कहा कि अदालत का यह फैसला प्रदेश के हर मंदिर के द्वार पर स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाना चाहिए।



