देहरादून- उत्तराखंड विधानसभा सत्र के तीसरे दिन सदन शुरू होते ही कांग्रेस ने समस्त नियमों का निलंबन करते हुए सीएम के करीबियों पर लेनदेन का आरोप लगाया और इस पर चर्चा की मांग की। इस बाबत सामने आए स्टिंग प्रकरण पर चर्चा की मांग को लेकर सदन में विपक्ष ने विरोध किया। इसके साथ ही विपक्ष ने नियम 310 में चर्चा की मांग भी की और वेल में आकर प्रदर्शन किया। जिसके बाद सदन कुछ देर के लिए स्थगित कर दिया गया। वहीं सदन में संशोधन के साथ पंचायतीराज संशोधन विधयेक पास हो गया। जिसके बाद सदन अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया।
कांग्रेस विधायकों के हंगामे के बीच हंगामे के बीच पंचायती राज संशोधित विधेयक सदन में पेश किया गया। संसदीय कार्यमंत्री मैदान कौशिक ने कहा कि अब पंचायत चुनाव में केवल दो बच्चों वालों को ही लड़ने का मिलेगा मौका मिलेगा। साथ ही आवेदक की न्यूनतम शेक्षिक योग्यता भी तय कर दी गई है। सामान्य वर्ग के लिए दसवीं और महिला एससी, एसटी के लिए आठवीं पास होना अनिवार्य है। राज्यपाल की मंज़ूरी मिलते ही विधेयक तत्काल लागू हो जाएगा। इसके बाद आने वाले पंचायत चुनाव संशोधित विधेयक के आधार पर ही होंगे।


