देहरादून- मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के मंत्रिमंडल का विस्तार 22 जून से पहले तय माना जा रहा है। कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और मदन कौशिक में से किसी को संसदीय कार्य व विधायी का जिम्मा मिल सकता है। विधानसभा का सत्र 24 जून सोमवार से प्रस्तावित है। इसके मद्देनजर मंत्रिमंडल विस्तार तय माना जा रहा है। दिवंगत कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत के सभी विभाग अभी मुख्यमंत्री के पास हैं। ऐसे में सदन में हर वक्त मुख्यमंत्री का उपलब्ध रहना मुश्किल होगा। ऐसे में सदन की कार्यवाही के लिए उन्हें अलग से संसदीय कार्यमंत्री का जिम्मा किसी विधायक को मंत्री बना कर या फिर कैबिनेट के किसी अन्य सहयोगी को यह दायित्व सौंपना होगा। सूत्रों का कहना है कि हाल-फिलहाल यदि सीएम मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं करते हैं तो फिर इस ओहदे के लिए दो मंत्रियों यशपाल आर्य और मदन कौशिक में से किसी एक को संसदीय कार्य का जिम्मा दे सकते हैं। यशपाल आर्य तिवारी सरकार में पूरे पांच साल तक विधानसभा अध्यक्ष रह चुके हैं। इस लिहाज से उन्हें संसदीय कार्यों का अनुभव भी है। मौजूदा समय में आर्य के पास समाज कल्याण, परिवहन, सीमांत क्षेत्र विकास, पिछड़ा क्षेत्र विकास और अल्प संख्यक विभाग हैं। वहीं, कौशिक नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं। सदन में वे अपनी बात को जोरदार तरीके से उठाते रहे हैं। उनके पास शहरी विकास, आवास, जनगणना, पुनर्गठन विभाग हैं। इसके साथ -साथ उन्हें सरकारी प्रवक्ता का भी दायित्व मिला है। इन दोनों में से सीएम किसी एक को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप सकते हैं।
वहीं सीएम त्रिवेंद्र यदि मंत्रिमंडल का विस्तार करते हैं तो तीन नए चेहरे कैबिनेट में शामिल हो सकते हैं। मंत्रिमंडल में दो पद लगभग सवा दो साल से रिक्त चल रहे हैं, जबकि एक पद कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत के निधन से खाली हुआ है। इन पदों के लिए कपकोट के विधायक व पूर्व मंत्री बलवंत सिंह भौर्याल, डीडीहाट विधायक व पूर्व मंत्री विशन सिंह चुफाल, कालाढुंगी विधायक व पूर्व मंत्री वंशीधर भगत और विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान के नाम चर्चाओं में हैं। सीएम के सामने क्षेत्रीय संतुलन साधने की भी चुनौती होगी। ऐसे में कुमाऊं मंडल से दो विधायकों को मंत्रिमंडल में एडजस्ट किया जा सकता है।



