उत्तराखंड में बिजली दरों में एक बार फिर बढ़ोत्तरी की गई है। इस बार 6 से 15 पैसे प्रति यूनिट की दर से दाम बढ़ाये गए हैं। एक अक्टूबर से 31 दिसंबर तक अलग-अलग श्रेणी के उपभोक्ताओं से छह से 15 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त वसूले जाएंगे। औसतन 13 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोत्तरी हुई है।
यूपीसीएल ने बिजली की दरों में इज़ाफ़ा कर दिया है और उपभोक्ताओं के लिए दोहरी मार यह है कि यह दाम एक अक्टूबर से बढ़ाए गए हैं.यानि कि आपने जो बिजली आराम से तुलनात्मक रूप से कुछ सस्ती मानकर खर्च की होगी अब उसके लिए ज़्यादा दाम चुकाने पड़ेंगे। ऊर्जा विभाग ने इस साल करीब चौथी बार 6 पैसे से लेकर 15 पैसे तक प्रति यूनिट बिजली के दाम बढ़ाए हैं।
यूपीसीएल के एमडी वीसीके मिश्रा कहते हैं कि ऊर्जा निगम कोयले से बिजली बनाने वाले कई संस्थानों से बिजली लेता है. ऐसे में साल में कई बार कोयले के दाम बढ़ने पर बिजली के रेट रिवाइज़ करने पड़ते हैं. फ्यूल चार्ज के नाम पर कई बार कोयला आपूर्ति करने वाले बिल रिवाइज़ कर देते हैं. कोयले के दाम बढ़ने पर विक्रेता संस्थान बिजली के रेट बढ़ा देते हैं और स्वाभाविक रूप से निगम को अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है।
विद्युत नियामक आयोग के अध्य्क्ष सुभाष कुमार कहते हैं कि अभी कोयले के दाम बढ़ने से भले ही बिजली के दाम बढ़ेंगे लेकिन दाम घटने पर पुनः बिजली के दामों में गिरावट की जाएगी. और अभी उपभोक्ताओं को जो तकलीफ़ महसूस होगी बिजली सस्ती होने पर राहत उससे भी बड़ी राहत महसूस होगी।



