देहरादून: उत्तराखंड में कांग्रेस और बीजेपी के दो कदावर नेताओ में सोशल मिडिया में इन दिनों जुबानी जंग छिड़ी हुई है कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भाजपा नेता प्रकाश पंत पर एक बार फिर निशाना साधते हुए उनके विभाग पेयजल निगम के एमडी भजन लाल के कथित स्टिंग के मामले पर चुटकी लेते हुए अपने फेसबुक पर लिखा है कि “शाबाश प्रकाश पंत जी, आपने एक चतुर राजनीतिक खिलाड़ी के तरीके से बॉल आगे की कोर्ट में डाल दी। आपके विभाग के अधिकारी का स्टिंग है। आप चाहते हैं, तो फाइल पर उनके खिलाफ एक्शन जिसमें सीबीआई की जांच भी रिकमंड कर सकते थे। उसको फ़ाइल की नोटिंग के साथ मुख्यमंत्री को भेज सकते थे”
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आगे लिखा, “अंदाज बड़ा प्यारा है, आप साफ सुथरे भी दिखाई दे और साथ-साथ एक्शन भी कुछ ना करना पड़े। शाहिद IAS ऑफिसर के मामले में जिस तत्परता से भाजपा ने मामले उठाए थे अब क्यों भूल रहे हैं, अभी एक दो स्टिंग ही चर्चा में है आगे कुछ और स्टिंग भी आएंगे, तो अपनी निष्पक्षता दिखाइए।
कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत का जवाब
वंही प्रकाश पंत का जवाब भी उसी चुकिले अंदाज में आया है पंत ने जवाब में ट्वीट कर लिखा है कि “माननीय हरीश रावत जी यह पत्र आपकी तरफ से अपनी सरकारों को लिखे गए पत्रों के समान नहीं है ग्रह मंत्रालय क्योकि मुख्यमंत्री के पास है इसलिए इस प्रकरण की एसआईटी जाँच कराने का अनुरोध मुख्यमंत्री से किया गया है जिसमे जल्द निर्णय होगा”
दरसल कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और भाजपा नेता प्रकाश पंत दोनों ही नेता कुमाऊ के कदावर नेता माने जाते है और दोनों ही नेताओ राजनीती की शुरुआत भी कुमाऊ से ही शुरू हुई है हलाकि यह कोई पहला मौका नहीं है जब सोशल मिडिया में हरीश रावत और प्रकाश पंत आपस में भिड़े हुए है अक्सर दोनों ही नेता एक दूसरे के कामो पर सवाल उठाकर सुर्खियों में बने रहे के लिए सोशल मिडिया में अक्सर भिड़े रहते है इसे पहले भी राज्य में नई सरकार और पुरानी सरकार के बीच खनन नीतियों को लेकर सोशल मीडिया में जंग तेज हो गई है। राज्य के पूर्व मुखिया हरीश रावत द्वारा राज्य में अवैध खनन को लेकर प्रदेश सरकार पर सोशल मीडिया के जरिए निशाना साधा था। इस पर पलटवार करते हुए वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने हरदा को जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा खनन पर रोक लगाए जाने के बाद राज्य को नुकसान तो हुआ लेकिन अवैध खनन पर पूरी तरह से रोक लग गई।