
क्या आप जानते हैं हिमालय के नेपाल, केदार, कूर्मांचल, जलन्धर, कश्मीर पाँच पौराणिक खंडों में से दुसरे और तीसरे को कुर्मांचल तथा केदार खण्ड कहा गया हैं, इसी केदारखण्ड को आज हम आधुनिक गढ़वाल के रूप में जानते है जो प्राचीन साहित्य में इलावृत, ब्रह्नपुर, उत्तराखण्ड, रूद्र-हिमालय, चुल्ल हिमवंत आदि नामों से विख्यात रहा है.
जानकर बताते हैं कि सोलहवीं शताब्दी के आरम्भ में इस पर्वतीय अंचल में बावन गढ़ रहा करते थे, इन बावन गढ़ों को पंवार वंश के एक शूरवीर राजा अजयपाल ने जीतकर एक राज्य के रूप में संगठित किया, इस नवगठित राज्य को गढ़वालनाम दिया गया।
उनके अनुसार गढ़ों की अधिकता के कारण यह भू- प्रदेश गढ़-वाला अर्थात् गढ़वाल कहलाया, गढ़वाल नाम महाराजा अजय पाल द्वारा सन् 1500 से सन् 1515 के मध्य में रखा गया।


