उत्तराखंड राज्य में दर्जा प्राप्त करने की हसरत मंत्रियों के करीबियों के दिलो में हिल्लोरे मरने लगी हैं । लेकिन त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में उत्तराखंड में मंत्री गण अपने करीबियों को अपनी मर्जी से निगम, बोर्ड या किसी समिति का अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सलाहकार नहीं बना सकते हैं ।
जारी हुए नए आदेशो के अनुसार, दर्जाधारी बनने के लिए अब सीएम की कसौटी पर खरा उतरना पड़ेगा और बिना मुख्यमंत्री के अनुमोदन से दर्जा मिलना संभव नहीं है।