अपराध का अड्डा बनता जा रहा उत्तराखंड, आंकड़े जानकर रह जाएगें हैरान !

बड़ी खबर : देव भूमि उत्तराखंड को अलग राज्य बने 17 साल हो गए, प्रदेशवासियों ने उत्तराखंड की कल्पना हमेशा बनने से पहले शांत और सुरक्षित प्रदेश के रूप की थी लेकिन आज उन 17 सालों में जो हालात उत्तराखंड के बदले हैं तो ऐसे में कहीं से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि शांत और सुरम्य वादियों से परिपूर्ण प्रदेश अपराध का अड्डा बन रहा है।

17 सालों के सफर में उत्तराखंड में विकास के साथ-साथ अपराधो का ग्राफ भी बढ़ा है, बदलती सरकारों की प्राथमिकता राज्य को भले ही शांत एवं अपराध मुक्त प्रदेश बनाने की रही हो..लेकिन आज जो हालात अपराध के मामले में उत्तराखंड प्रदेश के दिख रहे हैं तो आने वाले दिनों में उत्तराखंड अपराध के मामले में दिल्ली, बेंगलुरु, उत्तर प्रदेश सहित झारखंड के समकक्ष ना हो जाए।
उत्तराखंड बनने के बाद से ही पूरे प्रदेश में क्राइम का ग्राफ धीरे धीरे बढ़ना शुरू हुआ था लेकिन आज के आंकड़े जो बताते हैं उसमें से उत्तराखंड में बढ़ रहे अपराध को कम नहीं आंक सकते.. आइए आपको बताते हैं कि उत्तराखंड में अपराध की घटनाओं की क्या स्थिति है सिर्फ अगर पूरे प्रदेश में 10 महीनों की घटनाओं की बात करें तो 9280 घटनाएं अभी तक पूरे प्रदेश में घटी हैं।
इनमें से बलात्कार 336, महिला अपहरण 303
अन्य अपहरण 94
दहेज हत्या  49
फिरौती अपहरण 2
बलवा 494
हत्या 141
चोरी 877
 चेन स्नेचिंग और अन्य स्नेचिंग 59
 घर में चोरी 331
 वाहन लूट 13
 व अन्य लूट 145
डकैती 12
वाहन चोरी 906
सहित अन्य अपराध 5518 मिलाकर 9280 कुल अपराध इन 10 महीनों में प्रदेश में हुए हैं।
लेकिन वहीं दूसरी ओर पूरे मामले पर एडीजी अपराध और कानून व्यवस्था संभाल रहे अशोक कुमार का कहना है कि प्रदेश में अपराधों पर पुलिस अंकुश लगा रही है और किसी भी अपराध की घटनाओं को सुलझाने की भरसक कोशिश कर रही है ऐसे में पुलिस तू भले अपराधों पर अंकुश लगाने के दावे कर ही रही हो लेकिन यह आंकड़े सब कुछ बयां करने के लिए काफी है कि प्रदेश में अपराध की क्या स्थिति है।

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