सचिवालय में कृषि एवं उद्यान विभाग की बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि किसानों की फसलों के नुकसान का सर्वेक्षण तहसील स्तर पर होता है। इस वजह से ग्राम विशेष में हुई फसल की हानि के अनुरूप मुआवजा नहीं मिल पाता है। इस व्यवस्था को न्याय पंचायत पर करने के लिए पटवारियों की आवश्यकता होगी।

इसलिए सरकार जल्द ही प्रदेश में पटवारी हलकों का पुनर्गठन करने के साथ ही तकरीबन एक हजार पटवारियों की भर्ती करने जा रही है। किसानों को प्रतिवर्ष आपदा के कारण फसल के नुकसान का सही प्रकार से आकलन करने में पेश आ रही दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है।



