
वास्तु के अनुसार घर का मुख्य द्वार वास्तु दोष से मुक्त होना अत्यंत आवश्यक है। यदि इसमें कोई दोष हो, तो इसे तुरंत वास्तु उपायों के द्वारा ठीक कर लेना चाहिए। आप भी धन प्राप्ति के उपाय करके परेशान हो चुके हैं तो अपने घर पर दृष्टि दौड़ाएं की क्यों लक्ष्मी आपके द्वार नहीं आ रही हैं।
विष्णु-लक्ष्मी का बड़ा-सा चित्र घर में रहना चाहिए। शालिग्राम की नित्य पूजा पंचामृत के स्थान के साथ चंदन आदि लगाकर की जानी चाहिए।
किसी भी घर में धन-धान्य आने का प्रतीक तो यही है कि घर में फालतू तनाव न हो। घर इतना साफ़ सुथरा हो कि बीमारियां पास न आ सके। ऐसे घर में सुख की रोशनी होगी और समृद्धि की बरसात होगी।

घर के सामने सुंदर और अच्छे तरीके से बना बगीचा हो तो मां लक्ष्मी के आगमन का राह बनता है। घर के आस पास झाड़ या झाड़ियां नहीं होनी चाहिए।
विष्णु-लक्ष्मी मंदिर में प्रति शुक्रवार को लाल रंग के फूल अर्पित किए जाने चाहिए।
घर के मुख्य द्वार पर व उसके आसपास के क्षेत्र में साफ-सफाई होनी चाहिए ताकि सकारात्मक ऊर्जा को घर में प्रवेश करने में किसी प्रकार की रूकावट पैदा न हो।
घर के मुख्य द्वार के सामने जूते, चप्पल उतारना अशुभ होता है, जो सकारात्मक ऊर्जा को अंदर आने से रोकता है। इसी प्रकार मुख्य द्वार के पीछे भी किसी प्रकार की कोई चीज लटकाना अशुभ होता है।
घर को साफ-सुथरा एवं सुव्यवस्थित रखने के लिए झाड़ू और पोंछे का इस्तेमाल किया जाता है। यह दोनों कार्य घर में प्रवेश करने वाली बुरी और नकारात्मक ऊर्जाओं को नष्ट करते हैं। कभी-कभी पोंछे के पानी में नमक मिला लें तो शुभता का संचार होगा।
सवा 5 किलो आटा एवं सवा किलो गुड़ लें। दोनों का मिश्रण कर रोटियां बना लें। गुरुवार के दिन सायंकाल गाय को खिलाएं। 3 गुरुवार तक यह कार्य करने से दरिद्रता समाप्त होती है।



