
किशोर अवस्था की दहलीज पर कदम रखने वाले बच्चों को विशेष सीख की जरूरत होती है। पहले केवल लड़कियों के बारे में ही चिंता की जाती थी लेकिन अब समय आ गया है कि अब लड़कों के बारे में भी चिंता की जाए। किशोरावस्था की ओर बढ़ रहे बच्चे किसी प्रकार के भी प्रलोभन में फंस जाते हैं, चाहे वह खान पान से जुड़ा हो, आर्थिक अथवा शारीरिक। ऐसे में किशोरावस्था यानि टीनऐज बच्चों को विशेष मार्गदर्शन करना होगा ताकि वह गलत संगत अथवा कामुक फिल्मों अथवा दृश्यों की ओर अधिक न बढ़ जाएं क्योंकि इस उम्र में बच्चे गलत चीजों की ओर अधिक आकर्षित होते हैं। विपरीत लिंग विशेष रूप से उन्हें अपनी ओर आकर्षित करती है। इसी आकर्षण जाल से उन्हें बचाना समय की मांग है। माता-पिता की छोटी सी लापरवाही भी टीनएज लड़कों के बड़ी परेशानी बन सकती है। यहां जानिए टीनएज लड़कों के लिए माता-पिता को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए…
- लड़कियों से कैसा व्यवहार करना चाहिए, ये बताएं
- अधिकतर लोग शिष्टाचार शिक्षा सिर्फ लड़कियों को ही देते हैं, लेकिन अब बदलते समय में ये शिक्षा लड़कों को भी देनी चाहिए।
- खाततौर पर लड़कों को बताएं कि लड़कियों से कैसा व्यवहार करना चाहिए। ये भी बताएं कि कभी भी किसी लड़की का अपमान न करना चाहिए।
गलती कबूल करना सिखाएं
- सभी बच्चे गलती करते हैं, लेकिन खुद की गलती बहुत कम लोग मानते हैं।
- टीनएज बच्चों को खुद की गलती कबूल करना सिखाएं, ताकि भविष्य में वे गलत काम करने से बच सकें।
आजादी दें लेकिन एक हद तक
- आजकल बच्चों को आजादी चाहिए, वे नहीं चाहते कि उन्हें किसी भी काम में कोई रोके, अपने कामों में किसी ओर दखल
- पसंद नहीं करते हैं, यहां तक कि माता-पिता के नियम भी उन्हें बुरे लगते हैं।
- ऐसे में माता-पिता को उन्हें प्रेम से सही-गलत बातों को समझाना चाहिए। आजादी दें, लेकिन इसका गलत फायदा न उठाने दें।
गलत लोगों से दूर रखें
- टीएनएज बच्चे गलत लोगों की संगत में बहुत जल्दी फंस जाते हैं। ऐसे में बच्चों को बताएं कि गलत लोगों के साथ रहने से कौन-कौन नुकसान हो सकते हैं।
सिखाएं ये बातें भी
- टीनएज में लड़कों को सेक्स से जुड़ी बातें भी समझाएं।
- उनके शरीर में होने वाले बदलाव से उन्हें अवगत कराएं।
- शारीरिक बदलाव के साथ उन्हें किस तरह से अपने को ढाला जाए।
- लड़के होने का मतलब उन्हें समझाएं. उनके दिमाग़ में भरें कि लड़के होने से वो ज्यादा आजाद नहीं, बल्कि ज़िम्मेदार हैं।
- अगर उनके साथ कोई लड़की है और उसे मदद की ज़रूरत हो, तो उसे पूरा सहयोग करें।
- घर में अपने से बड़ों की बातों का आदर करें और उसका अनुकरण करें।
- उन्हें समझाएं कि अभी उनकी उम्र प्यार करने और ढेर सारी गर्लफ्रेंड बनाने की नहीं है।
- उन्हें इस बात से भी अवगत कराएं कि अगर उन्हें कोई ग़लत तरीक़े से अप्रोच करता है, तो वो उससे दूरी बनाएं।
- स्कूल में भी बच्चे गुंडा गैंग बनाते हैं. अपने लाडले से कहें कि इस तरह के ग्रुप में शामिल होने से उसकी ज़िंदगी बर्बाद हो सकती है।
- इस उम्र में उन्हें पढ़ाई का महत्व समझाएं.




